हौसला

हौसला................



तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पर वार करो
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो।


यह राहत इंदौरी साहब का वह शेर जो आपके अंदर हमेशा एक हौसला और परेशानियों से लड़ने की हिम्मत पैदा करता रहेगा।

मिशाल के तौर पर अगर किसी खौफ पर काबू पाने कि कोशिश करना आपके लिए मुश्किल लग रहा है तो हिम्मत पैदा करने पर गौर करिए.

 हौसला वो चीज नहीं जिसे आप पैदा होते ही पा जाते यह तो वह है जिसे आपके रंग रूप धर्म ओहदे से भी कोई मतलब नहीं यह तो वो खूबसूरत और ताकतवर हथियार है जिससे आप बड़ी से बड़ी मुश्किलों का सामना करके हरा देते जिसे आप खुद के अंदर पैदा करके खुद को भी बड़ा बना देते है।

हौसला में यह जरूरी नहीं की आप कुछ ड्रामा या हैरत अंगैज तौर पर बहादुरी का दिखावा करे बल्कि रोजाना तौर पर हिम्मत पैदा करके बहुत सी छोटी छोटी मुश्किलात को आप दूर कर सकते है।

 हौसला क्या है ?

हौसला वह है जिसे आप दिमागी और रूहानी तौर पर खुद को मजबूत बनाते है जिससे आपका डर दर्द खतरो से भरा काम भी आसानी से आप खत्म कर देते है
 
हौसला हमे हमेशा क्यों बढ़ाए रखना चाहिए ?

आज की भाग दौड़ और जिम्मेदारियों से भरी जिंदगी हमे कभी कभी इतना मायुस कर देती है कि हम कभी कभी डर के मारे इनका सामना करने के बजाए जिंदगी को ही छोड़ना ज्यादा पसंद करते है जबकि यह भूल जाते है हम पीछे अपनी जिम्मेदारियों को किसके भरोसे छोड़ कर जा रहे है हमे आज के दौर में इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है और इतिहास में बहुत से उदाहरण है हौसलों से दसरथ मांझी ने पर्वतो से रास्ते तक पैदा किए है क्यूंकि मुश्किल चंद लम्हों की होती है कामयाबी सदियों की होती है।


हौसला हमारा एक रूहानी ताकत वाला शरीर है।

जैसे हम अपने शरीर को बेहतर रखने के लिए तमाम तरीके के आहार और व्याम करते है ताकि ताकि कोई भी बोझ आसानी से उठा लेने की क्षमता हमारे अंदर हो इसी तरह रूहानी और दिमागी शरीर का मजबूत होना भी बहुत अहम है जिंदगी में ताकि हम मुश्किल से भरे कामों को दिमागी ताकत से हल कर सके।

अगर आप अपनी जिंदगी को बेहतर खुशहाल ताकतवर और जिम्मेदारियों को उठाने वाला बनाना चाहते है तो हमेशा अपने हौसलों को बुलंद रखिए चाहे परिस्थितियां कितना भी आपके उलट हो।


मैक्सवेल मल्ट्ज author of pshyco-cybernetics ने क्या खूब कहा है

"हमारे पास अपने नजरिए पर शर्त लगाने हिसाब किताब करने का खतरा मोल लेने और अमल करने की हिम्मत होनी चाहिए जिंदगी को बेहतर और खुशगवार बनाने के लिए हमे रोज हौसलों की जरूरत होती है"

जॉन वेन कहते है कि "हौसलों को मौत से डराया जा रहा है जो मौत से भी बद्दतर है"

आप किसी सैनिक से पूछिए डर का मायने क्या होता तो कहेगा मर जाना क्यूंकि उसे जीत का हौसला है मरने का खौफ नहीं।

जिंदगी में हौसलों से मुश्किलो का पहाड़ तक इस दुनिया मे लोगो ने तोड़ा है आप उनसे सीख लीजिए रोज अपने अंदर एक नई ऊर्जा उमंग भरिए जरूर एक दिन आप भी उस पहाड़ को तोड़ने में कामयाब होंगे जिसका खौफ हमेशा आपके जेहन में घर करता रहा।

इन्हीं बातों से अपनी बात खत्म करता हूं जिंदगी मै हौसले भरिए ताकि कोई भी मुश्किल आपका कुछ बिगाड़ ना सके🙏🙏

अहमद शेख
 

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